संस्कृति

जगमग दीप जले, सम्पति चौरे

जगमग दीप जले
 
  घर आंगन द्वार द्वार 
अल्पना रंगोली बंदनवार
जगमग दीप जले
खुशियो की बहार
दीपो  की कतार
जगमग दीप जले
अंधकार दुर कर प्रकाश छाई
सुख- समृद्धि  घर मे आई
जगमग दीप जले
बम ,फटाखे ,फुलझडी अनार
हलवा, मठरी ,पूरी अचार
जगमग दीप जले
घर झिलमिल सितारो भरी
पावन पर्व की हर्ष बेला लायी
जगमग दीप जले
लक्ष्मी मां पुजा जन करता 
धन -वैभव  घर मे आता
जगमग दीप जले
स्वस्थ रहे जग सारा
प्रकाश अमृत की धारा 
जगमग दीप जले
प्रेम मीत अपनत्व की आभा
भाईचारे की डोर से बंधा
जगमग दीप जले
चौदह वर्ष वनवास काटा
श्री रामजी भक्तो के पास आया
जगमग दीप जले
आस्था  जीवन का  यह विश्वाश
संदेश यही धुआं पदुषण मुक्त संसार 
जगमग दीप जले ।।
 

सम्पति  चौरे 

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